प्रौढ़ शिक्षा समाज में वंचित या अशिक्षित रहे वयस्कों को साक्षर बनाने और उनकी भाषाई क्षमताओं का विकास करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 'प्रौढ़ शिक्षा: अक्षरज्ञान और भाषाज्ञान' इंटर्नशिप कार्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इस इंटर्नशिप के माध्यम से इंटर्न, प्रौढ़ों को बुनियादी अक्षरज्ञान (पठन, लेखन और अंकगणित) तथा दैनिक व्यवहार में उपयोगी भाषाज्ञान सिखाने की पद्धतियाँ सीखेंगे। यह शिक्षा के प्रसार के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने की दृष्टि प्रदान करती है और युवाओं में सामाजिक संवेदना विकसित करती है।
विद्यार्थियों में प्रौढ़ शिक्षा की पद्धतियों और शैक्षणिक कौशलों को विकसित करना, जिससे वे अशिक्षित वयस्कों को सरलता से पढ़ना-लिखना और व्यावहारिक भाषाज्ञान सिखा सकें। सामाजिक विकास में शिक्षा के योगदान के प्रति सचेत करना।
मॉड्यूल १: प्रौढ़ शिक्षा का परिचय और उसका सामाजिक महत्व (सिद्धार्थ और पद्धतियाँ)।
मॉड्यूल २: बुनियादी अक्षरज्ञान शिक्षण (वर्णमाला, पठन और लेखन कौशल विकसित करने के तरीके)।
मॉड्यूल ३: प्रायोगिक भाषाज्ञान और व्यावहारिक अंकगणित (दैनिक जीवन में उपयोगी संचार)।
मॉड्यूल ४: शिक्षण तकनीक, मूल्यांकन और प्रौढ़ शिक्षा कक्षाओं का संचालन।
इस इंटर्नशिप को पूरा करने के बाद प्रतिभागी प्रौढ़ शिक्षा कक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन और संचालन करने में सक्षम होंगे। वे प्रौढ़ों की सीखने की क्षमता और मनोविज्ञान को समझकर सरल शिक्षण पद्धतियों को अपना सकेंगे। विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और वे साक्षरता अभियान जैसी सरकारी या गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) से जुड़कर समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकेंगे। यह कार्यक्रम उनके लिए शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।